झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, राज्य में शोक की लहर
झारखंड में दो दिवसीय राजकीय शोक

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, राज्य में शोक की लहर
56 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, देर रात अचानक बिगड़ी थी तबीयत; 6 और 7 सितंबर को राजकीय शोक
रांची/गिरिडीह, 6 सितंबर 2026
झारखंड की राजनीति के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद रहा। झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह सदर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का 56 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार उनकी मौत हृदयाघात के बाद हुई।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आते ही गिरिडीह सहित पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
अचानक बिगड़ी तबीयत
रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार देर रात सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत अचानक बिगड़ी। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक अस्पताल तथा उनके आवास पर पहुंचने लगे। परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है।

हेमंत सोरेन ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने उनके निधन को व्यक्तिगत और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपना करीबी सहयोगी, बड़ा भाई और मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनका जाना ऐसा शून्य छोड़ गया है जिसे भर पाना कठिन है।
तीन दशक से अधिक का राजनीतिक सफर
सुदिव्य कुमार सोनू का झारखंड मुक्ति मोर्चा से पुराना जुड़ाव रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने वर्ष 1989 में JMM के प्राथमिक सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। लंबे राजनीतिक संघर्ष और संगठनात्मक कार्यों के बाद उन्होंने झारखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
वे 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए और 2024 में दोबारा जीत दर्ज की। इसके बाद वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में शामिल हुए।
कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाली जिम्मेदारी
मंत्री के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू के पास कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। वे नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभागों से जुड़े रहे।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के रूप में वे विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहे। छात्र आंदोलनों और विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर संवाद स्थापित करने में उनकी भूमिका का उल्लेख भी रिपोर्टों में किया गया है।
झारखंड में दो दिवसीय राजकीय शोक
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। सरकारी प्रोटोकॉल के तहत दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी जा रही है। 7 सितंबर को राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
उनके सम्मान में राज्यभर में शोक का माहौल है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी श्रद्धांजलि सभाओं और शोक कार्यक्रमों की घोषणा की जा रही है।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
राज्य सरकार ने सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया। गिरिडीह के उसरी नदी स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से झारखंड ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और मंत्री को खो दिया है। उनके समर्थक और राजनीतिक सहयोगी उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, संगठन के प्रति समर्पण और जनसरोकारों से जुड़े कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।




