
भरत तिवारी के पिता ने ठुकराई पुलिस सुरक्षा, बोले- क्या
गारंटी है आप ही नहीं मार दोगे? न्यायिक जांच पर भी उठाए सवाल
भरत तिवारी के पिता ने ठुकराई पुलिस सुरक्षा
रात के 12 बजे आने की क्या मंशा थी?- पिता काशीनाथ तिवारी
मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने एनकाउंटर के सात दिन बीत जाने के बाद रात के अंधेरे में पहुंचे पुलिस अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “वो लोग आए थे, लुक-छिप के आए थे लोग। देखा कि यहां पर कोई नहीं है। रात के 12:00 बजे ये लोग आए थे। हमने कहा कि आप लोग खुद को महारथी कहते हैं और आपके नेतृत्व में मेरे बेटे का मर्डर हो गया। अब हमारे किस मुंह से आए हैं आप लोग? दिन में आप क्यों नहीं आए? क्या दिन में नहीं आ सकते थे? रात को 12 बजे कौन सी मंशा से आ रहे हैं,
जब पुलिस अधिकारियों ने परिवार को सुरक्षा देने की बात कही, तो पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा, “जब आप लोगों ने हमारे बेटे को ही मार दिया, सब महारथियों के रहते हुए उसका मर्डर हो गया, तो अब आपकी सुरक्षा पर क्या विश्वास? क्या गारंटी है कि आप ही सुरक्षा में आएंगे और आप ही हमें नहीं मार देंगे? दिन में नहीं आ रहे हैं, रात में आ रहे हैं। क्या ये कोई सवाल है भाई?”
पिता ने इस पूरे मामले में SP की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “देखिए, बिना कप्तान के आदेश के गोली नहीं चलती। थाने की कहां इतनी पावर और हस्ती है कि वह किसी को मार सकता है? किसने गोली का ऑर्डर दिया, किसने क्या किया, सब साफ है। मेरे बच्चे से सिर्फ 5 मिनट बात हुई है और उसके तुरंत बाद उसका मर्डर कर दिया जा रहा है।”
हमें लिखित में चाहिए- FIR से नाम हटाने पर बोले पिता
घटना के बाद गांव वालों पर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को लेकर भी पिता ने प्रशासन को घेरा। FIR से गांव वालों और परिजनों के नाम हटाए जाने के पुलिस के दावे पर काशीनाथ ने कहा, “अधिकारी बोल के गए हैं कि गांव वालों का एफआईआर हट गया है। लेकिन मुंह से कह के चले जाने का कोई मोल नहीं है। प्रशासन को लिखित में देना चाहिए कि हम लोग एफआईआर से मुक्त हैं, तब ना हम मानेंगे।” उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई केवल उनके परिवार की नहीं रही, बल्कि पूरे भारत की जनता की लड़ाई बन चुकी है।
भाई जैसा हश्र करने की SP ने दी धमकी- भाई चंदन तिवारी
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने वर्तमान SP पर डराने, धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगते हुए कहा, “जब इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं, उसके बावजूद हमारे एसपी साहब खुद यहां आकर हमें धमकाते हैं। उन्होंने हमसे कहा कि यह सब कुछ बंद करो, नहीं तो तुम्हारा भी वही हश्र होगा जो तुम्हारे भाई का हुआ है। हमें कहा गया कि तुम लोग भी मार दिए जाओगे और तुम्हारे परिवार वालों को भी जान से मार दिया जाएगा। जब खुद एसपी साहब आकर धमकी दे रहे हैं, तो हम इस जांच पर कैसे और क्यों भरोसा करें?”
भरत तिवारी की मां और भाभी ने जांच पर उठाए सवाल
मृतक की मां आशा देवी ने कहा कि वर्तमान जांच टीम से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे अब किसी पर भरोसा नहीं रह गया है। मैं सिर्फ अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती हूं, लेकिन इस जांच से न्याय नहीं मिलेगा।” वहीं, मृतक की भाभी सुमन तिवारी ने पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को ही खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि जिन लोगों पर मर्डर में शामिल होने का आरोप है, जांच उन्हीं लोगों को सौंप दी गई है। बिना मां से पूछे, बिना पिता की सहमति लिए केस को उन्हीं दागी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।




